इस्लाम में ब्याज (रिबा) क्यों नाजायज है? اسلام میں سود کیوں حرام ہے؟

इस्लाम एक संपूर्ण जीवन व्यवस्था है जो केवल इबादत और आध्यात्मिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और नैतिक मामलों में भी स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान करता है। इन्हीं आर्थिक शिक्षाओं में एक महत्वपूर्ण विषय है ब्याज (रिबा)। इस्लाम में ब्याज को न केवल नापसंद किया गया है बल्कि उसे स्पष्ट रूप से हराम (निषिद्ध) … Read more